उत्‍तर प्रदेश में ‘सर्व सेफ फूड’ का विस्तार, 3700 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिलेगा प्रशिक्षण

उत्‍तर प्रदेश में ‘सर्व सेफ फूड’ का विस्तार, 3700 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिलेगा प्रशिक्षण

 

वाराणसी। नेस्ले इंडिया ने उत्तर प्रदेश में ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के तहत अपने प्रयासों को और आगे बढ़ाया है। कंपनी ने फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) और नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएएसवीआई) के साथ मिलकर आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, नोएडा और वाराणसी जैसे शहरों में 3,700 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षण देना जारी रखा है। इसके साथ ही राज्य में अब तक प्रशिक्षित विक्रेताओं की कुल संख्या 12,700 से अधिक हो गई है।

अब तक ‘सर्व सेफ फूड’ परियोजना के तहत देश के 26 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों में 92,800 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम के तहत उन्हें स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य प्रबंधन, कचरा निपटान और उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य विक्रेताओं को सुरक्षित भोजन की सही जानकारी देना है ताकि वे ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित सेवाएं दे सकें और अपने व्यवसाय को सशक्त बना सकें।

फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, उत्तर प्रदेश के आयुक्त श्री राजेश कुमार (आईएएस) ने कहा, “उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का संगम है और यहां का स्ट्रीट फूड इसकी विशिष्ट पहचान है। हम इस सांस्कृतिक विरासत को और सशक्त बनाना चाहते हैं। साथ ही, विक्रेताओं को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना भी हमारा उद्देश्य है। मैं एफडीए, एनएएसवीआई और नेस्ले इंडिया के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करता हूं, जो इस मिशन को साकार कर रहे हैं।”

नेस्ले इंडिया की सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक पहलों की प्रमुख डॉ. तरुणा सक्सेना ने कहा, “नेस्ले इंडिया केवल अपने उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सर्व सेफ फूड’ के जरिए हम स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को प्रशिक्षण देकर न सिर्फ उनकी जागरूकता बढ़ा रहे हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय को और अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और टिकाऊ तरीके से संचालित करने में भी मदद कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल समय के साथ सकारात्मक बदलाव लाएगी।”

नेस्ले इंडिया ने इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की थी। अब तक यह पहल असम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में फैल चुकी है।

 

 

 

 

 

 

 

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